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बिटकॉइन ट्रेडर क्या है

बिटकॉइन ट्रेडर क्या है

क्या है Bitcoin? कैसे करते हैं इस वर्चुअल करेंसी में ट्रेडिंग, जानिए आपके काम का सबकुछ

Bitcoin की शुरुआत 2009 में हुई थी. शुरुआती कुछ सालों में बिटकॉइन में धीरे-धीरे बढ़ रही थी. लेकिन, 2015 के बाद से इसमें बड़ी तेजी देखने को मिली और यह दुनिया की नजरों में आ गई.

बिटकॉइन की कीमत दुनियाभर में एक समय पर समान रहती है. इसलिए इसकी ट्रेडिंग मशहूर हो गई. (Reuters)

दुनियाभर में क्रिप्टोकरंसी (CryptoCurrency) बिटकॉइन (Bitcoin) का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. बिटकॉइन में निवेश करने वाले अमीर लोग इस ऑनलाइन करंसी (Online Currency) के जरिए अपनी पूंजी को तेजी से बढ़ाना चाहते हैं. यही वजह है कि इसके दाम भी नई ऊंचाइयां छू रहे हैं. 3 साल बाद एक बार फिर बिटकॉाइन में बड़ी तेजी देखने को मिली है. साल 2017 में बिटकॉइन में अपना रिकॉर्ड हाई (Bitcoin record High) बनाया था. इसके बाद नीचे की तरफ फिसलती गई. लेकिन, अब 3 साल का नया हाई बना दिया है. दुनियाभर में इस करंसी में लोग पैसा लगा रहे हैं. लेकिन, भारत सरकार (India Government) का मानना है कि उसके पास वर्चुअल करंसी (Virtual currency) का कोई डेटा नहीं है और इसलिए इसकी ट्रेडिंग में खतरा हो सकता है.

कब हुई थी बिटकॉइन की शुरुआत? (History of Bitcoin)
बिटकॉइन की शुरुआत 2009 में हुई थी. शुरुआती कुछ सालों में बिटकॉइन में धीरे-धीरे बढ़ रही थी. लेकिन, 2015 के बाद से इसमें बड़ी तेजी देखने को मिली और यह दुनिया की नजरों में आ गई. कई देशों में इस वर्चुअल करंसी में ट्रेडिंग (Virtual Currency trading) को लीगल माना गया और बिटकॉइन की कीमत लगातार बढ़ती गई. मौजूदा वक्त में इसकी कीमत 18000 डॉलर के पार निकल चुकी है. यह एक तरह की डिजिटल करंसी (बिटकॉइन ट्रेडर क्या है Digital Currency) है. इसकी शुरुआत सतोशी नाकामोतो (Satoshi Nakamoto) नाम के शख्स ने की थी. भारत में भी गुपचुप तरीके से बिटकॉइन ट्रेडिंग (Bitcoin me trading kaise karein) की जा रही है. हालांकि, सरकार ने अब तक इसे लेकर नीतियां नहीं बनाई हैं. वहीं, सुप्रीम कोर्ट से इसकी मंजूरी मिल चुकी है.

कैसे होती है बिटकॉइन में ट्रेडिंग? (How to trade in bitcoin?)
बिटकॉइन ट्रेडिंग डिजिटल वॉलेट (Digital wallet) के जरिए होती है. बिटकॉइन की कीमत दुनियाभर में एक समय पर समान रहती है. इसलिए इसकी ट्रेडिंग मशहूर हो गई. दुनियाभर की गतिविधियों के हिसाब से बिटकॉइन की कीमत घटती बढ़ती रहती है. इसे कोई देश निर्धारित नहीं करता बल्कि डिजिटली कंट्रोल (Digitally controlled currency) होने वाली करंसी है. बिटकॉइन ट्रेडिंग का कोई निर्धारित समय नहीं होता है. इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव भी बहुत तेजी से होता है.

बिटकॉइन का भी है एक्सचेंज (Bitcoin cryptocurrency trading exchange)
Kraken के जरिए बिटकॉइन में ट्रेडिंग (Bitcoin trading) की जा सकती है. यह क्रिप्टोकरंसी का एक्सचेंज (Cryptocurrency exchange) है. जिसे 2011 में बनाया गया था. इसके लिए पहले अपना अकाउंट बनाना होता है. इसके बाद ईमेल के जरिए अकाउंट कन्फर्म करना होता है. अकाउंट वेरिफाइ (Account verification) होने के बाद आप ट्रेडिंग मेथड सिलेक्ट कर सकते हैं. ट्रेडिंग के लिए चार्ट (Bitcoin trading chart) मौजूद होता है, जिसमें बिटकॉइन की कीमत की हिस्ट्री होती है. आप समय पर बिटकॉइन का ऑर्डर (How to order bitcoin) देकर खरीद सकते हैं और बेच सकते हैं. बिटकॉइन की कीमतों में बदलाव बहुत ही अप्रत्याशित और तेज होता है. इन्वेस्टमेंट के हिसाब से लोगों को ये काफी लुभावना लगता है.

खरीद-फरोख्त की नहीं होती कोई जानकारी (Bitcoin investment details)
बिटकॉइन (Bitcoin) के लेनदेन का एक लेजर बनाया जाता है. दुनिया में लाखों व्यापारी भी बिटकॉइन से लेनदेन करते हैं. हालांकि, किसी भी केंद्रीय बैंक ने अभी इसको मान्यता नहीं दी है. अमेरिका की कई दिग्गज कंपनियां भी बिटकॉइन को स्वीकार करती हैं. इंटरनेट की दुनिया में इसकी खरीद-फरोख्त कराने वाले कई एक्सचेंज हैं. इंटरनेट की कई वेबसाइट और ऐप के माध्यम से इसकी खरीद-फरोख्त होती है. इसमें खरीद-फरोख्त करने वालों की जानकारी छुपी रहती है.

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क्या है बिटकॉइन का नुकसान? (Disadvantage of Bitcoin)
बिटकॉइन करेंसी से सबसे बड़ा नुकसान यह है कि अगर आपका कंप्यूटर हैक हो गया तो फिर यह वापस नहीं होगी यानी रिकवर नहीं होगी. इतना ही नहीं इसकी चोरी होने की आप पुलिस में या कहीं भी शिकायत दर्ज नहीं करा सकते हैं.

क्या होता है क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज? कैसे कर सकते हैं इसका इस्तेमाल? पढ़ें इससे जुड़ी सभी काम की बातें

क्रिप्टोकरेंसी में बिटकॉइन ट्रेडर क्या है निवेश करने से पहले उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण टर्म को जान लेना जरूरी है. इससे उन्हें सही तरीके से निवेश करने में मदद मिलती है. इनमें से एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज भी है. आइए इसके बारे में डिटेल में समझते और जानते हैं.

क्या होता है क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज? कैसे कर सकते हैं इसका इस्तेमाल? पढ़ें इससे जुड़ी सभी काम की बातें

TV9 Bharatvarsh | Edited By: राघव वाधवा

Updated on: Jan 10, 2022 | 2:48 PM

Cryptocurrency Exchange Explained: पिछले कुछ समय में क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) निवेशकों के बीच निवेश का एक पसंदीदा विकल्प बनकर सामने आया है. बड़ी संख्या में लोग खास तौर पर युवा क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगा रहे हैं. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने से पहले उससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण टर्म को जान लेना जरूरी है. इससे उन्हें सही तरीके से निवेश करने में मदद मिलती है. इनमें से एक क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज भी है. आइए इसके बारे में डिटेल में समझते और जानते हैं.

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश लोग यह समझते हुए करते हैं कि इसमें उन्हें छोटी अवधि में बड़ा रिटर्न मिलेगा. यह जोखिम भरा भी है क्योंकि इसमें उतार-चढ़ाव बना रहता है. क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने का सबसे आसान और सीधा तरीका इसकी ट्रेडिंग (खरीदना और बेचना) का है. आप किसी भी क्रिप्टो क्वॉइन जैसे बिटक्वॉइन, Ethereum, Dogecoin, Cadence आदि की ट्रेडिंग कर सकते हैं. इन्हें ऑनलाइन एक्सचेंज के जरिए किया जाता है, जहां निवेशक अकाउंट को खोल और ट्रेडिंग शुरू कर सकते हैं.

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्या है?

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज एक डिजिटल मार्केटप्लेस बिटकॉइन ट्रेडर क्या है है, जहां आप क्रिप्टोकरेंसी को खरीद और बेच सकते हैं. इन प्लेटफॉर्म्स की मदद से आप डिजिटल और रुपये या डॉलर के बदले एक्सचेंज में क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग कर सकते हैं. ये प्लेटफॉर्म्स खरीदार और विक्रेता के बीच एक इंटरमीडियरी के तौर पर काम करते हैं और इनमें एक कमीशन या ट्रांजैक्शन फीस ली जाती है. CoinDCX, CoinSwitch Kuber, और UnoCoin भारत में मौजूद कुछ ऑनलाइन एक्सचेंज के उदाहरण हैं. एक निवेशक ऑनलाइन एक्सचेंज का क्रिप्टो क्वॉइन्स को वापस रुपये या डॉलर में बदलने के लिए भी इस्तेमाल कर सकता है. इसके बाद वे अपने बैंक अकाउंट से राशि को विद्ड्रॉ कर सकता है.

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कैसे काम करता है?

क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्रिप्टोकरेंसी के खरीदार और विक्रेता के बीच एक इंटरमीडियरी या ब्रोकरेज कंपनी की तरह काम करता है. इसके जरिए खरीदार कई तरीकों का इस्तेमाल करके पैसे जमा करा सकता है जैसे सीधे बैंक से ट्रांसफर, यूपीआई, क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल करना आदि. इसकी सर्विसेज का इस्तेमाल करने के लिए हर ट्रांजैक्शन पर एक कमीशन या फीस तय की गई है.

जो पहली चीज खरीदार या निवेशक को करनी होती है, वह है कि सही ऑनलाइन एक्सचेंज को खोजना. इसके लिए प्लेटफॉर्म के इतिहास, विश्वसनीयता और यह ट्रेडिंग के लिए आपको क्या बेनेफिट्स देगा, ये शामिल हैं. इसके बाद आपको ट्रेडिंग अकाउंट खोलना होता है, जो बेहद आसान है.

आपको एक्सचेंज को चुनकर उसके ऐप को डाउनलोड करना और अकाउंट बनाना है. यह आपसे कुछ जानकारी जैसे ईमेल एड्रेस के लिए पूछेगा. फिर, उस ईमेल एड्रेस पर एक वेरिफिकेशन ईमेल भेजा जाएगा और केवाईसी डिटेल्स भी पूछी जा सकती हैं. अपनी ईमेल आईडी पर एड्रेस को वेरिफाई करें और केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा कर लें. इसके बाद ऐप पर पासवर्ड लगाएं और आप क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने के लिए तैयार हैं.

ऐप, वॉलेट या एक्सचेंज से जुड़ा कोई पासवर्ड नहीं खोएं. इसे बाद में रिकवर नहीं किया जा सकता है.

बिटकॉइन कैसे ख़रीदे | Top Bitcoin App, Invest Kaise Kare,

बिटकॉइन क्या है इसके बारे पूरी जानकारी इस पोस्ट में जानें.

बिटकॉइन कैसे ख़रीदे, bitcoin me invest kaise kare

बिटकॉइन कैसे ख़रीदे

बिटकॉइन में निवेश कैसे करें? सबसे पहले, आपको बिटकॉइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर जाना होगा और एक खाता बनाना होगा जहां आपको बिटकॉइन का व्यापार करने के लिए एक वॉलेट दिया जाता है।

वॉलेट बनने के बाद आपको उसमें फंड लगाना होता है और उसी फंड के जरिए आप अलग-अलग सिक्कों या क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगा सकते हैं।

ऑनलाइन कई क्रिप्टोक्यूरेंसी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म उपलब्ध हैं जो आपको मुफ्त में बिटकॉइन वॉलेट बनाने की अनुमति देते हैं। भारतीय बिटकॉइन ट्रेडिंग कैसे करते हैं, पॉपुलर बिटकॉइन ट्रेडिंग एप्लिकेशन की एक लिस्ट नीचे शेयर की गई है।

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Trading Kaise Kare

बिटकॉइन में ट्रेडिंग करना आज बहुत आसान हो गया है और कोई भी इसे कर सकता है बिटकॉइन ट्रेडिंग मोबाइल ऐप के माध्यम से की जा सकती है।

क्रिप्टोक्यूरेंसी ट्रेडिंग ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करती है और निवेश को सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन कोड का उपयोग करती है। आप अधिक सुरक्षा के बदले में या तो अपना क्रिप्टो सिक्का सीधे खरीदार या व्यापारी को बेच सकते हैं।

यहां मैं आपको बिटकॉइन में निवेश कैसे करें और कहां करें और बिटकॉइन खरीदने के लिए सबसे पॉपुलर मोबाइल एप्प कौन है, जानकारी शेयर किया है.

Top 8 Bitcoin Trading App

यह 8 बिटकॉइन ऐप जहां आप बिटकॉइन खरीद सकते हैं। ये मोबाइल ऐप नौसिखियों के लिए बहुत अच्छे हैं। इन मोबाइल ऐप में बिटकॉइन खरीदना और बेचना बहुत आसान है। बिटकॉइन का रेट क्या है? और दर बढ़ रही है या घट रही है, आप तुरंत जान सकते हैं।

बिटकॉइन कैसे ख़रीदे FAQ’s;

बिटकॉइन कैसे ख़रीदे? इससे रिलेटेड सवालों का महत्वपूर्ण जानकारी…

Q. Bitcoin Me Account Kaise Banaye

बिटकॉइन का व्यापार करने के लिए आपको पहले एक वॉलेट की आवश्यकता होती है। अगर आप वॉलेट बनाना चाहते हैं और ट्रेड करना चाहते हैं, तो ऊपर दिए गए बिटकॉइन ट्रेडिंग मोबाइल ऐप में से कोई भी इंस्टॉल करें और कुछ दस्तावेजों और मोबाइल नंबर के साथ वॉलेट बनाएं।

बिटकॉइन वॉलेट बनाने में आपको कम से कम 5 मिनट का समय लग सकता है।

Q. बिटकॉइन का भविष्य 2025

बिटकॉइन का भविष्य क्या है यानि 2025 तक इसकी कीमत क्या होने वाली है? कुछ रिपोर्टों के अनुसार, बिटकॉइन की दर शुरुआत से कभी नहीं गिरी है। हमेशा बिटकॉइन ट्रेडर क्या है बढ़ते देखा है। शुरुआत में इसकी कीमत एक डॉलर से भी कम थी, लेकिन आज यह लाखों तक पहुंच गई है।

इन पोस्ट को भी पढ़ें:

Summary: उम्मीद है कि आपको बिटकॉइन कैसे ख़रीदे, Bitcoin Trading Kaise Kare, Trading App, बिटकॉइन का भविष्य 2025 तक कैसा रहेगा, इस तरह की सवालों का समाधानइस पोस्ट के जरिये मिली है.

यदि आप बिटकॉइन के बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं जो इस पोस्ट में साझा नहीं किया गया है, तो आप बेझिझक हमसे प्रश्न पूछ सकते हैं और उसके लिए आप कमेंट बॉक्स में जाकर प्रश्न लिखें।

Crypto Trading : कैसे करते हैं क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और कैसे होती है इसकी ट्रेडिंग, समझिए

Crypto Trading : क्रिप्टोकरेंसी ट्रेड ब्लॉकचेन तकनीक पर काम करती है और निवेश को सुरक्षित रखने के लिए एन्क्रिप्शन कोड का इस्तेमाल करती है. आप अपने क्रिप्टो टोकन या तो सीधे बायर को बेच सकते हैं या फिर ज्यादा सुरक्षित रहते हुए एक्सचेंज पर ट्रेडिंग कर सकते हैं.

Crypto Trading : कैसे करते हैं क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और कैसे होती है इसकी ट्रेडिंग, समझिए

Cryptocurrency Trading : क्रिप्टोकरेंसी में निवेश को लेकर है बहुत से भ्रम. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

क्रिप्टोकरेंसी (Cryptocurrency) एन्क्रिप्शन के जरिए सुरक्षित रहने वाली एक डिजिटल करेंसी है. माइनिंग के जरिए नई करेंसी या टोकन जेनरेट किए जाते हैं. माइनिंग का मतलब उत्कृष्ट कंप्यूटरों पर जटिल गणितीय समीकरणों को हल करने से है. इस प्रक्रिया को माइनिंग कहते हैं और इसी तरह नए क्रिप्टो कॉइन जेनरेट होते हैं. लेकिन जो निवेशक होते हैं, वो पहले से मौजूद कॉइन्स में ही ट्रेडिंग कर सकते हैं. क्रिप्टो मार्केट में उतार-चढ़ाव का कोई हिसाब नहीं रहता है. मार्केट अचानक उठता है, अचानक गिरता है, इससे बहुत से लोग लखपति बन चुके हैं, लेकिन बहुतों ने अपना पैसा भी उतनी ही तेजी से डुबोया है.

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अगर आपको क्रिप्टो ट्रेडिंग को लेकर कुछ कंफ्यूजन है कि आखिर यह कैसे काम करता है, तो आप अकेले नहीं हैं. बहुत से लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि वर्चुअल करेंसी में कैसे निवेश करें. हम इस एक्सप्लेनर में यही एक्सप्लेन करने की कोशिश कर रहे हैं कि आप क्रिप्टोकरेंसी में कैसे निवेश कर सकते हैं, और क्या आपको निवेश करना चाहिए.

क्रिप्टोकरेंसी क्या है?

क्रिप्टोकरेंसी क्या है, ये समझने के लिए समझिए कि यह क्या नहीं है. यह हमारा ट्रेडिशनल, सरकारी करेंसी नहीं है, लेकिन इसे लेकर स्वीकार्यता बढ़ रही है. ट्रेडिशनल करेंसी एक सेंट्रलाइज्ड डिस्टिब्यूशन यानी एक बिंदु से वितरित होने वाले सिस्टम पर काम करती है, लेकिन क्रिप्टोकरेंसी को डिसेंट्रलाइज्ड टेक्नॉलजी, ब्लॉकचेन, के जरिए मेंटेन किया जाता है. इससे इस सिस्टम में काफी पारदर्शिता रहती है, लेकिन एन्क्रिप्शन के चलते एनॉनिमिटी रहती है यानी कि कुछ चीजें गुप्त रहती हैं. क्रिप्टो के समर्थकों का कहना है कि यह वर्चुअल करेंसी निवेशकों को यह ताकत देती है कि आपस में डील करें, न कि ट्रेडिशनल करेंसी की तरह नियमन संस्थाओं के तहत.

क्रिप्टो एक्सचेंज का एक वर्चुअल माध्यम है. इसे प्रॉडक्ट या सर्विस खरीदने के लिए इस्तेमाल में लिया जा सकता है. जो क्रिप्टो ट्रांजैक्शन होते हैं. उन्हें पब्लिक लेज़र यानी बहीखाते में रखा जाता बिटकॉइन ट्रेडर क्या है है और क्रिप्टोग्राफी से सिक्योर किया जाता है.

क्रिप्टोकरेंसी की ट्रेडिंग कैसे होती है?

इसके लिए आपको पहले ये जानना होगा कि यह बनता कैसे है. क्रिप्टो जेनरेट करने की प्रक्रिया को माइनिंग कहते हैं. और ये काम बहुत ही उत्कृष्ट कंप्यूटर्स में जटिल क्रिप्टोग्राफिक इक्वेशन्स यानी समीकरणों को हल करके किया जाता है. इसके बदले में यूजर को रिवॉर्ड के रूप में कॉइन मिलती है. इसके बाद इसे उस कॉइन के एक्सचेंज पर बेचा जाता है.

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कौन कर सकता है ट्रेडिंग?

ऐसे लोग जो कंप्यूटर या टेक सैवी नहीं हैं, वो कैसे क्रिप्टो निवेश की दुनिया में प्रवेश कर सकते हैं? ऐसा जरूरी नहीं है कि हर निवेशक क्रिप्टो माइनिंग करता है. अधिकतर निवेशक बाजार में पहले से मौजूद कॉइन्स या टोकन्स में ट्रेडिंग करते हैं. क्रिप्टो इन्वेस्टर बनने के लिए माइनर बनना जरूरी नहीं है. आप असली पैसों से एक्सचेंज पर मौजूद हजारों कॉइन्स और टोकन्स में से कोई भी खरीद सकते हैं. भारत में ऐसे बहुत सारे एक्सचेंज हैं तो कम फीस या कमीशन में ये सुविधा देते हैं. लेकिन यह जानना जरूरी है कि क्रिप्टो में निवेश जोखिम भरा है और मार्केट कभी-कभी जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखता है. इसलिए फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स निवेशकों से एक ही बार में बाजार बिटकॉइन ट्रेडर क्या है में पूरी तरह घुसने की बजाय रिस्क को झेलने की क्षमता रखने की सलाह देते हैं.

यह समझना भी जरूरी है कि सिक्योर इन्वेस्टमेंट, सेफ इन्वेस्टमेंट नहीं होता है. यानी कि आपका निवेश ब्लॉकचेन में तो सुरक्षित रहेगा लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव का असर इसपर होगा ही होगा, इसलिए निवेशकों को पैसा लगाने से पहले जरूरी रिसर्च करना चाहिए.

क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल क्या है?

यह डिजिटल कॉइन उसी तरह का निवेश है, जैसे हम सोने में निवेश करके इसे स्टोर करके रखते हैं. लेकिन अब कुछ कंपनियां भी अपने प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज़ के लिए क्रिप्टो में पेमेंट को समर्थन दे रही हैं. वहीं, कुछ देश तो इसे कानूनी वैधता देने पर विचार कर रहे हैं.

सबसे सफल Bitcoin ट्रेडर्स हैं स्विटजरलैंड में, फ्रांस है टॉप ट्रेडिंग देश: सर्वे

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हाल ही में हुए एक सर्वे में पाया गया है कि बिटकॉइन ट्रेडिंग के सबसे सफल ट्रेडर स्विट्जरलैंड में हैं

सबसे सफल Bitcoin ट्रेडर्स हैं स्विटजरलैंड में, फ्रांस है टॉप ट्रेडिंग देश: सर्वे

सर्वे में पाया गया कि स्विट्जरलैंड बिटकॉइन इनवेस्टर्स को सबसे अच्छे रिटर्न देता है

खास बातें

  • रिसर्च में स्विट्जरलैंड में दुनिया के सबसे सफल निवेशकों को पाया गया।
  • ऑनलाइन इनवेस्टिंग न्यूज और एजुकेशन पोर्टल Invezz ने किया सर्वे।
  • बिटकॉइन से लाभ लेने वाले दुनिया के 25 देशों की लिस्ट बनाई गई।

क्रिप्टोकरेंसी को लेकर हाल ही में हुए एक सर्वे में पाया गया है कि बिटकॉइन ट्रेडिंग के सबसे सफल ट्रेडर स्विट्जरलैंड में हैं. ऑनलाइन इनवेस्टिंग न्यूज और एजुकेशन पोर्टल Invezz ने यह सर्वे किया है. पोर्टल ने इस रिसर्च को 14 अप्रैल को रिलीज किया था, जिसमें ब्लॉकचेन फर्म Chainalysis Triple A और Worldometers का डेटा स्टडी किया गया है. इसका मतलब है कि स्विट्जरलैंड बिटकॉइन इनवेस्टर्स को सबसे अच्छे रिटर्न देता है. हालांकि निवेश के मामले में यह देश छठे स्थान पर है. देश की 1.8 प्रतिशत जनसंख्या ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया हुआ है.

Invezz ने Chainalysis डाटा से इसकी शुरुआत की जिसमें बिटकॉइन से लाभ लेने वाले दुनिया के 25 देशों की लिस्ट बनाई गई. प्लेटफॉर्म ने इन 25 देशों की लिस्ट में से चीन और ताइवान को छोड़ दिया, क्योंकि वे इसके डेटा पर भरोसा नहीं कर सकते थे. स्टडी में केवल 23 देशों को रैंक दिया गया. सबसे कम टोटल स्कोर वाले देश को सबसे ऊपर रखा गया और सबसे ज्यादा टोटल स्कोर वाले देश को अंत में रखा गया.

किसी देश को रैंक करने के लिए तीन मापदंड रखे गए-

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1.देश में प्रति व्यक्ति बिटकॉइन लाभ की मात्रा, जो कि चेनालिसिस डाटा पर बिटकॉइन ट्रेडर क्या है आधारित थी.
2. TripleA और Worldometers के आंकड़ों के आधार पर यह देखना कि प्रत्येक देश में कितने लोगों ने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया हुआ है, ताकि एडॉप्शन रेट का पता लग सके. वर्ल्डोमीटर एक रियलटाइम डेटा वेबसाइट है और Triple A एक क्रिप्टो पेमेंट गेटवे है.
3. प्रत्येक इनवेस्टर ने बिटकॉइन के माध्यम से कितना पैसा कमाया.

इस आधार पर स्विटजरलैंड में दुनिया के सबसे सफल निवेशकों को पाया गया. जबकि, बिटकॉइन ट्रेडिंग करने वाले देशों में फ्रांस सबसे टॉप पर पाया गया.

दूसरे कई देशों ने कुछ कैटेगरी में अच्छा परफॉर्म किया. लेकिन, फ्रांस इनमें एकलौता देश था जिसने क्रिप्टोकरेंसी में निवेश, प्रति निवेशक बिटकॉइन में लाभ और प्रति नागरिक बिटकॉइन से होने वाले लाभ के मामले में औसत से अधिक अच्छा परफॉर्म किया. इसलिए फ्रांस को ऑवरऑल रैंकिंग में सबसे ऊंचा स्थान मिला और टॉप बिटकॉइन ट्रेडिंग नेशन का तमगा भी.

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