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वित्तीय नवाचार

वित्तीय नवाचार

वित्तीय परामर्श

वित्तीय परामर्श एक निःशुल्क, स्वतंत्र और गोपनीय सेवा है जो वित्तीय कठिनाई का सामना कर रहे लोगों को उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार लाने के उद्देश्य से प्रदान की जाती है। वित्तीय परामर्शदाता आपकी वित्तीय कठिनाइयों में सहायता के लिए जानकारी और विकल्प प्रदान करते हैं और भविष्य के लिए क्षमता निर्माण में आपकी सहायता करने के लिए ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं।

एक वित्तीय परामर्शदाता कैसे हो सकता है मदद ?:

वित्तीय सलाहकार निम्नलिखित मुद्दों में सहायता कर सकते हैं:

  • बजट संबंधी मुद्दे (समय पर बिलों का भुगतान नहीं कर सकते)
  • कर्ज के मुद्दे
  • क्रेडिट मुद्दे
  • गैस, बिजली या फोन डिस्कनेक्ट
  • बंधक/ऋण मुद्दे
  • दिवालियापन आवेदन
  • सेवानिवृत्ति की आपातकालीन पहुंच

क्या मैं इसके लिए पात्र हूं वित्तीय परामर्श?

यह कार्यक्रम मेलबर्न के फ्रैंकस्टन/मॉर्निंगटन प्रायद्वीप क्षेत्र में रहने या काम करने वाली वित्तीय कठिनाई का वित्तीय नवाचार सामना करने वाले अलगाव या तलाक से प्रभावित परिवार के सदस्यों के लिए उपलब्ध है।

मैं इसमें कैसे भाग ले सकता हूं वित्तीय परामर्श?

यदि आप वित्तीय परामर्श के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो फैमिली लाइफ से संपर्क करें
फोन (03) 8599 5433।
ईमेल: [email protected]

RBI ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए की रिजर्व बैंक इनोवेशन हब की स्थापना

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) की स्थापना की गई है। इस इनोवेशन हब वित्तीय नवाचार को स्थापित करने का उद्देश्य बैंक प्रौद्योगिकी का लाभ उठाकर और एक वातावरण तैयार कर वित्तीय क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा है जिससे नवाचार को बढ़ावा और प्रोत्साहन मिलेगा। RBIH हब वित्तीय क्षेत्र के संस्थानों, प्रौद्योगिकी उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के साथ सहयोग करेगा और विचारों के आदान-प्रदान और वित्तीय नवाचारों से संबंधित प्रोटोटाइप के विकास के लिए प्रयासों का समन्वय करेगा।

रिजर्व बैंक इनोवेशन हब मैनेजमेंट के बारे में:

रिजर्व बैंक इनोवेशन हब (RBIH) एक गवर्निंग काउंसिल (GC) द्वारा निर्देशित और प्रबंधित किया जाएगा जिसमें 10 सदस्य (एक अध्यक्ष सहित) शामिल होंगे। श्री सेनापति (क्रिस), गोपालकृष्णन, सह-संस्थापक और इंफोसिस के पूर्व सह-अध्यक्ष को RBIH के पहले अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया है।

वित्तीय नवाचार

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 90 - दोहरा कराधान समझौता- विदेशी राष्ट्र-कोएशिया के साथ वित्तीय अपवंचन की रोकथाम तथा दोहरे कराधान परिहार के लिए समझौता

अधिसूचना सं. 24/2015 [एफ. सं. 501/09/1995-एफटीडी-I], दिनांक 17-3-2015

चूंकि, इस अधिसूचना में वर्णितानुसार समझौता तथा नवाचार (तत्पश्चात् नवाचार तथा कथित समझौते के तौर पर संदर्भित) आय पर कर के संबंध में वित्तीय अपवंचन की रोकथाम के लिए तथा दोहरे कराधान के परिहार के लिए भारतीय गणराज्य सरकार तथा क्रोशिया गणराज्य सरकार के बीच किया गया था जिस पर 12 फरवरी, 2014 को हस्ताक्षर किए गए थे।

2. तथा चूंकि, कथित समझौते के अनुच्छेद 29 के पैराग्राफ 1 के अनुसार कथित समझौते तथा नवाचार को लागू करने के लिए संबंधित कानून द्वारा आपेक्षितानुसार प्रक्रिया की समाप्ति की अधिसूचना के पत्रांक की तिथि के पश्चात् वित्तीय नवाचार तीस दिनों के तौर पर कथित समझौते तथा नवाचार की प्रभावी तिथि 6 फरवरी 2015 है।

3. तथा चूंकि, कथित समझौते के अनुच्छेद 29 के पैराग्राफ 3 के वाक्यांश (ख) प्रदान कराता है कि कथित समझौते के प्रावधान कैलेंडर वर्ष जिसमें समझौता लागू हुआ हो के ठीक आगामी अप्रैल के प्रथम दिन को अथवा उसके पश्चात् आरंभ वित्तीय नवाचार होने वाले किसी भी वित्तीय वर्ष में अर्जित आय के संबंध में भारत में प्रभावी होगा।

4. अब, इसलिए, आयकर अधिनियम, 1961 (43 ऑफ 1961) की धारा 90 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केंद्र सरकार एतद्द्वारा निर्देश देती हैं कि आय पर करों के संबंध में वित्तीय अपवंचन के रोकथाम के लिए तथा दोहरे कराधान के परिहार के लिए भारतीय गणराज्य सरकार तथा क्रोशिया गणराज्य सरकार के बीच नवाचार तथा कथित समझौते के सभी प्रावधान, साथ ही परिशिष्ट में वर्णितानुसार, कैलेडंर वर्ष जिसमें समझौता लागू हुआ हो के ठीक आगामी वित्तीय वर्ष के प्रथम दिन के तौर पर अप्रैल, 2016 के प्रथम दिन से प्रभावी भारतीय संघ में लागू होगा।

आय पर करों के संबंध में वित्तीय अपवंचन की रोकथाम के लिए तथा दोहरे कराधान परिहार के लिए

भारतीय गणराज्य सरकार

क्रोएशिया गणराज्य सरकार के बीच समझौता

भारतीय गणराज्य सरकार तथा क्रोएशिया गणराज्य सरकार ने, दोनो राष्ट्रों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए तथा आय पर करों के संबंध में वित्तीय अपवंचन की रोकथाम तथा दोहरे कराधान के परिहार के लिए समझौता करने की इच्छुक,

बिज़नेस समाचार

सरकार ने अप्रैल माह के औद्योगिक उत्पादन (आईआईपी) के पूर्ण आंकड़े जारी नहीं करने का फैसला किया है। कोविड-19 महामारी की वजह से लागू लॉकडाउन के चलते पिछले साल भी सरकार ने अप्रैल महीने के आईआईपी आंकड़े जारी नहीं किये थे।

भारत और पाकिस्तान का बजट देखें खुद करें फैसला, कौन कितना आगें

पाकिस्तान ने अपना वर्ष 2021-22 के लिए बजट पेश कर दिया है। पाकिस्तान के बजट पेश करने के बाद अब हम आपको जानकारी देंगे भारत के बजट के बारे में जिससे आपको भारत की आर्थिक ताकत का अंदाजा होगा।

पेट्रोल-डीजल को लेकर आई बड़ी खबर, 9 महीने ने पहली बार हुआ यह काम

देश में ईंधन की मांग मई में घटकर नौ महीने के निचले स्तर पर आ गयी। इसका कारण कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर की रोकथाम के लिये लगायी गयी पाबंदियों से आवाजाही और आर्थिक गतिविधियों का प्रभावित होना है।

देश का विदेशी मुद्रा भंडार नये रिकॉर्ड स्तर पर, 605 अरब डॉलर के हुआ पार

विदेशी मुद्रा भंडार चार जून, 2021 को समाप्त सप्ताह में 6.842 अरब डॉलर बढ़कर पहली बार 600 अरब डॉलर को पार कर गया।

कोविड 19 से लड़ाई में जरूरी सामानों पर राहत की उम्मीद, GST परिषद की बैठक आज

मंत्री समूह में शामिल कई राज्यों के वित्त मंत्रियों ने कोविड-19 के इलाज में काम आने वाली सामग्री पर कर कटौती की वकालत की है।

Gold Rate Today: सोने की कीमत में फिर बड़ा उछाल, 10 ग्राम सोने की कीमत जानें कितनी हुई

दिल्ली सर्राफा बाजार में शुक्रवार को सोना 441 रुपये की तेजी के साथ 48,530 रुपये प्रति दस ग्राम हो गया। एचडीएफसी सिक्योरिटीज ने यह जानकारी दी।

पेट्रोल के बाद अब यहां डीजल भी 100 रुपये के पास , जानियें कहां मिल रहा सबसे महंगा तेल

छह राज्यों एव केंद्र शासित प्रदेशों राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और लद्दाख में पेट्रोल का खुदरा मूल्य 100 रुपये लीटर वित्तीय नवाचार से ऊपर पहुंच गया है।

देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज को फेमा उल्लंघन के लिए ईडी का नोटिस

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने देश के सबसे बड़े क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक्सचेंज को यह नोटिस 2,790 करोड़ रुपये के लेनदेन में कथित रूप से विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन के लिए जारी किया गया है।

दिनांक 12 फरवरी 2022 स्टार्ट-अप में वित्तीय प्रबन्धन की आवश्यकता

दिनांक 12 फरवरी 2022 को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के उद्यमिता एवं नवाचार विभाग में ”स्टार्ट-अप में वित्तीय प्रबन्धन की आवश्यकता” पर एक वेबिनार का आयोजन किया गया। जिसमें की-नोट स्पीकर श्री महेश मिश्रा असिस्टेन्ट प्रोफेसर, क्वांटम यूनिवर्सिटी, रूड़की ने बताया कि वित्त किसी भी स्टार्ट-अप के लिए रक्त के समान है। उक्त कार्यक्रम में समन्वयक वित्तीय नवाचार डॉ0 शिल्पा कायस्था, नवाचार अधिकारी अनिल कुमार त्रिपाठी एवं अन्य प्रतिभागियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ0 एकता खरे के द्वारा किया गया।

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